मुंबई: महाराष्ट्र में गृहमंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे के बाद राजनीति तेज हो गई है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने इस बारे में बयान जारी कर कहा है कि, “अनिल देशमुख का इस्तीफा पहले होना चाहिए था, जिस समय उनपर आरोप लगे थे। उच्च न्यायालय ने मामले में हस्तक्षेप किया उसके बाद गृह मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे खामोश क्यों है?”

वहीं केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने इस बारे में बयान जारी कर कहा है कि, “महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख को इस्तीफा देनी की ज़रूरत थी। उन्हें NCP और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा बचाने की कोशिश की गई थी। शरद पवार ने अनिल देशमुख को इस्तीफा देनी की इजाज़त दे दी है, यह अच्छी बात है।”

जबकि केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस मामले पर तंज कसते हुए कहा कि, “महाराष्ट्र गृह मंत्री ने इस्तीफा दे दिया। CM उद्धव ठाकरे खामोश है। शरद पवार कहते हैं कि मंत्री के बारे में फैसला CM करते हैं। कांग्रेस और शिवसेना कहती है कि अनिल देशमुख के बारे में फैसला NCP करेगी। अनिल देशमुख ने शरद पवार से मिलकर CM को इस्तीफा दिया।”

बता दें कि सोमवार को हाईकोर्ट की तरफ से आए आदेश के बाद अनिल देशमुख ने इस्तीफा दिया है। वे महाराष्ट्र में एंटीलिया केस के बाद 100 करोड़ की वसूली का टारगेट वाले मामले में घिरे हुए थे। अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को सौंपने के बाद अनिल देशमुख दिल्ली रवाना हो गए हैं। 

देशमुख ने महज 6 लाइन में अपना इस्तीफा दिया है। इसमें उन्होंने लिखा है कि- ”माननीय हाईकोर्ट की ओर से एडवोकेट जयश्री पाटिल की याचिका पर CBI जांच का आदेश दिया गया है। इसलिए मैं नैतिकता के आधार पर गृह मंत्री के पद से इस्तीफा देता हूं। मैं आपसे विनम्र निवेदन करता हूं कि मुझे गृह मंत्री के पद से मुक्त किया जाए।” इस्तीफा देने के बाद अनिल देशमुख मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के घर गए और उनसे मुलाकात की।

गौरतलब है कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने देशमुख पर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि देशमुख ने निलंबित API सचिव वझे को 100 करोड़ रुपए वसूली का टारगेट दिया था। परमबीर सिंह की चिट्ठी ने इस नए मामले को प्रकाश में लाया था। इसके बाद NIA अब इस एंगल में एंटीलिया केस, मनसुख हत्याकांड में जांच कर रही है।

अनिल देशमुख के बाद महाराष्ट्र के गृह विभाग की जिम्मेदारी दिलीप पाटिल की दी गई है। राजनैतिक कॅरियर के शुरुआती दौर में पाटिल NCP प्रमुख शरद पवार के पीए रहे। वे 1990 में पहली बार चुनाव जीते और महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य बने। पाटिल महाराष्ट्र सरकार में रहते हुए कई मंत्रालय भी संभाल चुके हैं।  



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