3 अप्रैल 2021 को बक्सा जिले में असम विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण से पहले एक सार्वजनिक रैली के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी/पीटीआई


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तमुलपुर (असम) : उत्तर-पूर्व में भूमिगत संगठनों के साथ हुए शांति समझौतों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम में अब तक समर्पण नहीं करने वाले उग्रवादियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की और कहा कि ‘आत्मनिर्भर असम’ बनाने के लिए उनकी जरूरत है.

बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (बीटीआर) में बकसा जिले के तमुलपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि असम के लोग हिंसा के खिलाफ हैं और वे विकास, शांति, एकता तथा स्थिरता के साथ हैं.

कांग्रेस पर राज्य में हिंसा को उकसाने का आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा, ‘सालों के संघर्ष के बाद मुख्यधारा में लौटे लोगों के पुनर्वास की जिम्मेदारी हमारी है.’

उन्होंने कहा, ‘जिन्होंने अभी तक आत्मसमर्पण नहीं किया है, उनसे मैं अपील करता हूं कि राज्य के भविष्य के लिए तथा अपने खुद के भविष्य के लिए लौटें क्योंकि आत्मनिर्भर असम बनाने के लिए उनकी जरूरत है.’

रैली में बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बृहस्पतिवार को बीटीआर के कोकराझार में अपने पिछले दौरे में वह बड़ी संख्या में महिलाओं के हुजूम को देखकर हैरान थे और इस बारे में जब उन्होंने एक राजनीतिक जानकार से पूछा तो उन्हें बताया गया कि ‘माताएं अब आश्वस्त हैं कि उनके बच्चे हथियार नहीं उठाएंगे और दोबारा जंगल नहीं जाएंगे.’

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