नई दिल्ली: हाई कोर्ट ने निगमों की वेतन देने की समय सीमा 5 अप्रैल से बढ़ाकर 30 अप्रैल करने के अनुरोध को खारिज कर दिया है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम से “आप” नेता प्रतिपक्ष विकास गोयल ने इसपर मंगलवार को बयान जारी करते हुए कहा कि कल दिल्ली हाईकोर्ट ने कर्मचारियों कि तनख्वाह नहीं देने को लेकर नॉर्थ एमसीडी को फटकार लगाई और 31 मार्च तक की तनख्वाह तत्काल रूप से जारी करने का आदेश दिया है। 

उपचुनाव में मुंह की खाने के बाद और फिर हाईकोर्ट की बार-बार फटकार के बाद भी एमसीडी की सत्ता में बैठी भाजपा पैसा खाने और भ्रष्टाचार करने से बाज नहीं आ रही है। एमसीडी के कर्मचारियों को ना तो तनख्वाह मिल रही है और न ही पेंशन मिल पा रही है। आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि या तो दिल्ली भाजपा एमसीडी के कर्मचारियों को तनख्वाह दे या तो एमसीडी से तत्काल इस्तीफा दे।

नॉर्थ एमसीडी के “आप” नेता प्रतिपक्ष विकास गोयल ने कहा कि कल दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की बेंच ने यह साफ कर दिया है कि निगम ने अपने कर्मचारियों को अपनी सेवाएं देने के लिए नियुक्त किया है तो उन्हें वेतन देने और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन देने की जिम्मेवारी निगमों की है। वह इसके लिए रास्ता तलाशें। 

कोर्ट ने निगमों की वेतन देने की समय सीमा 5 अप्रैल से बढ़ाकर 30 अप्रैल करने के अनुरोध को खारिज कर दिया है। साथ ही हाई कोर्ट ने कहा है कि सभी कर्मचारियों की 31 मार्च तक की तनख्वाह तत्काल रूप से जारी की जाए क्योंकि ये कर्मचारियों का मौलिक अधिकार है। इस निर्णय के बाद अब निगम के पास कोई विकल्प नहीं रह जाता है कि वह अपनी नाकामियों का ठीकरा दिल्ली सरकार पर फोड़े। निगम के नेता अपनी जेबें गर्म करने में तथा भ्रष्टाचार को फल फूलने देने में मशगूल हैं। 

विकास गोयल ने कहा, दिल्ली भाजपा हमेशा यही रोना रोती है कि हमारे पास फंड नहीं है इसलिए कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पा रहे हैं। इसपर भी हाई कोर्ट ने साफ-साफ कहा कि फंड उपलब्ध नहीं होना पेंशन और वेतन समय पर नहीं देने का आधार नहीं हो सकता है। यह निगम में बैठी भाजपा सरकार पर है कि वह अपने कर्मचारियों को भुगतान का रास्ता तलाश करे।

भाजपा से इस्तीफे की मांग करते हुए विकास गोयल ने कहा कि दिल्ली नगर निगम में हुए उपचुनावों के नतीजों और हाई कोर्ट के कल के फैसले के बाद भाजपा को निगमों की सत्ता में रहने का कोई अधिकार नही है। भाजपा को निगमों की सरकार को भंग करके दुबारा चुनाव कराने चाहिए। आम आदमी पार्टी यह मांग करती है कि या तो दिल्ली भाजपा एमसीडी के कर्मचारियों को तनख्वाह दे या तो एमसीडी से तत्काल इस्तीफा दे क्योंकि इस प्रकार से सत्ता में रहने का उन्हें कोई नैतिक अधिकार नहीं है।



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