असम के करीमगंज ज़िले के राताबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के निवर्तमान विधायक और उम्मीदवार कृष्णेंदु पॉल से संबंधित कार से ईवीएम मिलने पर हुए विवाद हो गया था. कृष्णेंदु पॉल ने ईवीएम से छेड़छाड़ किए जाने के आरोप को बेतुका बताया है. कांग्रेस ने उनके ख़िलाफ़ केस दर्ज किए जाने की मांग की है.

(फोटो: पीटीआई)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली/गुवाहाटी/करीमगंज: असम के करीमगंज जिले के राताबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के निवर्तमान विधायक और उम्मीदवार कृष्णेंदु पॉल से संबंधित कार से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) मिलने पर हुए विवाद के बाद विशेष पर्यवेक्षक ने पीठासीन अधिकारी को लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया है.

इसके अलावा निर्वाचन आयोग ने बीते शुक्रवार को राताबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया.

यहां मतदान के बाद जिस वाहन में पीठासीन अधिकारी ईवीएम को लेकर गए, वह कथित तौर पर पड़ोसी सीट से भाजपा के प्रत्याशी की पत्नी की थी जिसको लेकर विवाद पैदा हो गया था. (शुरुआती जानकारी में इसे भाजपा प्रत्याशी की कार बताया गया था.)

दरअसल असम में एक अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान समाप्त होने के बाद भाजपा उम्मीदवार कृष्णेंदु पॉल से संबंधित कार में ईवीएम मिलने की घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा था.

इस वीडियो को असम के पत्रकार अतनु भुयां ने ट्वीट किया था, जिन्होंने बताया कि इस घटना के बाद पथरकांडी में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है.

राताबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के इंदिरा एमवी स्कूल की पोलिंग पार्टी का वाहन करीमगंज कस्बे में स्ट्रॉन्ग रूम की तरफ जा रहा था, जब गाड़ी खराब हो गई.

बताया जा रहा है कि तब पोलिंग पार्टी ने एक निजी वाहन से लिफ्ट लिया, भाजपा के निवर्तमान विधायक और उम्मीदवार कृष्णेंदु पॉल से संबंधित निकली.

इस बीच आयोग के विशेष पर्यवेक्षक ने शुक्रवार को कहा कि इस मामले में जान-बूझकर या गलत इरादे से चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी करने का प्रयास नहीं किया गया.

उन्होंने कहा कि यह घटना पीठासीन अधिकारी और उनके दल की पूरी तरह लापरवाही और मूर्खता के कारण हुई जान पड़ती है.

भाजपा प्रत्याशी से संबंधित वाहन में ईवीएम को करीमगंज के स्ट्रॉन्ग रूम ले जाया जा रहा था. इसकी जानकारी लोगों को हुई तो उन लोगों ने वाहन पर हमला कर दिया था.

ईवीएम के साथ के मतदान दल को भीड़ के हमले से बचाने के लिए पुलिस को बल का भी प्रयोग करना पड़ा, क्योंकि भीड़ का आरोप था कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में छेड़छाड़ की गई है.

इससे पहले दिन में निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा कि पीठासीन अधिकारी और तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है.

विशेष पर्यवेक्षक ने इस मामले में पोलिंग पार्टी को पीछे छोड़ देने और उन्हें गंतव्य तक सुरक्षित नहीं पहुंचाने को लेकर सशस्त्र सुरक्षा अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी सिफारिश की है.

विशेष पर्यवेक्षक की रिपोर्ट मिलने के बाद एक सुरक्षा अधिकारी को भी निलंबित किया गया है.

निर्वाचन आयोग ने बयान में कहा, ‘ईवीएम की सील हालांकि सही थी, लेकिन फिर भी राताबाड़ी निर्वाचन क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या- 149 इंदिरा एमवी स्कूल में दोबारा मतदान कराने का फैसला किया गया है.

निर्वाचन आयोग द्वारा सार्वजनिक की गई जानकारी के मुताबिक, रतबाड़ी विधानसभा सीट के मतदान केंद्र संख्या 149 पर तैनात मतदान दल में पीठासीन अधिकारी और तीन अन्य कर्मी थे.’

आयोग के मुताबिक बृहस्पतिवार को शाम छह बजे दूसरे चरण के चुनाव खत्म होने के बाद चुनाव अधिकारी निर्वाचन अधिकारियों द्वारा मुहैया कराए गए वाहन से लौट रहे थे और उनकी सुरक्षा सशस्त्र जवान कर रहे थे.

आयोग के मुताबिक, इलाके में भारी बारिश हो रही थी और मतदान दल के वाहन में खराबी आ गई.

बयान में कहा गया, ‘भारी जाम और मौसम के हालात की वजह से मतदान दल काफिले से अलग हो गया.’

मतदान दल वाहन से नीचे उतरा और सेक्टर अधिकारी को फोन कर दूसरे वाहन की व्यवस्था करने को कहा.

बयान के मुताबिक, सेक्टर अधिकारी दूसरे वाहन की व्यवस्था कर रहे थे तभी मतदान दल ने स्वयं वाहन की व्यवस्था करने का फैसला किया, ताकि ईवीएम जमा करने के केंद्र तक जल्दी पहुंचा जा सके क्योंकि ईवीएम उनके पास ही थी.

मतदान दल ने वहां से गुजरने वाले वाहन को रोका और ईवीएम- बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और पेपर ट्रेल मशीन (वीवीपीएटी)- के साथ वाहन में उसके मालिक की जानकारी किए बिना सवार हो गया.

मतदान दल द्वारा दी गई सूचना के मुताबिक, वे करीमगंज की ओर बढ़ रहे थे और जाम की वजह से उनकी गति कम थी, तभी उनके वाहन को करीब 50 लोगों की भीड़ ने घेर लिया और उन पर पत्थरबाजी शुरू कर दी.

उन्होंने बताया कि भीड़ ने उनके साथ गालीगलौज की और वाहन को रोक लिया, जब मतदान दल ने भीड़ के नेता से पूछा तो उसने बताया कि जिस वाहन पर वे सवार हैं वह कृष्णेंदु पॉल का वाहन है, जो पड़ोसी निर्वाचन क्षेत्र (पथरकांडी) से लड़ रहे हैं और आरोप लगाया कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की गई है.

बयान में कहा गया, ‘तभी मतदान दल को एहसास हुआ कि कुछ गलती हुई है और उन्होंने इसकी सूचना सेक्टर अधिकारी को दी. हालांकि, तब तक वहां भारी भीड़ जमा हो गई थी और भीड़ ने ईवीएम में छेड़छाड़ का आरोप लगा मतदानकर्मियों को ईवीएम के साथ वाहन में बंधक बना लिया था.’

बयान में कहा गया, ‘इस बीच वाहन के मालिक की पहचान कर ली गई थी और पता चला कि वाहन मधुमिता पॉल के नाम पर पंजीकृत है, जिनके पति कृष्णेंदु पॉल पड़ोसी पथरकांडी सीट से भाजपा के प्रत्याशी हैं.’

पुलिस जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ मौके पर पहुंची और बल प्रयोग कर मतदानकर्मियों को बाहर निकाला.

आयोग ने बताया कि बाद में ईवीएम मशीन और उसके साथ लगे उपकरणों की जांच की गई और पाया गया कि उसमे सील लगी है और कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है.

बयान में कहा गया कि सभी सामान स्ट्रॉन्ग रूम में जमा कराया गया.

अमित शाह ने कहा, निर्वाचन आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए

ऐसी जानकारी मिली है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने असम में भाजपा प्रत्याशी की पत्नी के नाम पंजीकृत वाहन में ईवीएम ले जाने को लेकर उत्पन्न विवाद के बाद शुक्रवार को निर्वाचन आयोग से मामले की जांच कराने की मांग की.

इंडिया टुडे के समाचार निदेशक राहुल कंवल ने शाह का साक्षात्कार लेने के बाद ट्वीट किया, ‘गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि निर्वाचन आयोग को असम में भाजपा प्रत्याशी की कार में ईवीएम मिलने के मामले की जांच करनी चाहिए और जो भी जिम्मेदार पाया जाए उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.’

वहीं असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल इस घटना से जुड़े सवालों से बचते नजर. इंडिया टुडे की एक पत्रकार द्वारा इस संबंध में पूछे गए कई सवालों के जवाब में उन्होंने बार-बार यही कहा कि इस बार बीजेपी की सरकार बन रही है.

भाजपा उम्मीदवार ने ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप को बेतुका क़रार दिया

भाजपा प्रत्याशी पॉल ने ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोपों को बेतुका करार दिया है और कहा कि जब घटना हुई तो उनके भाई वाहन में मौजूद थे और उन्होंने गाड़ी खराब होने की वजह से मतदानकर्मियों को केवल लिफ्ट दी थी.

पॉल ने कहा, ‘मैं पथरकांडी से हूं और ईवीएम राताबाड़ी की थी. ऐसे में उनमें छेड़छाड़ करने की क्या वजह हो सकती है? वैसे भी बिजॉय मलाकर रतबाड़ी सीट से कम से कम 40 हजार मतों के अंतर से जीत रहे हैं. भाजपा क्यों छेड़छाड़ की कोशिश करेगी?’

कांग्रेस ने भाजपा उम्मीदवार कृष्णेंदु पॉल के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की

असम में पथरकांडी से भाजपा उम्मीदवार कृष्णेंदु पॉल से संबंधित कार से मतदान में इस्तेमाल हुई ईवीएम बरामद होने पर कांग्रेस ने शुक्रवार को निर्वाचन आयोग से भाजपा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का अनुरोध करते हुए मांग की कि राज्य में छह अप्रैल को होने वाले अंतिम चरण के चुनाव के लिए सुरक्षा बढ़ाई जाए.

कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी भाजपा उम्मीदवार पर एफआईआर दर्ज किए जाने तथा इस घटना के पीछे का सच पता लगाने के लिए उनसे तत्काल पूछताछ किए जाने की मांग की.

कृष्णेंदु पॉल. (फोटो साभार: फेसबुक)

कृष्णेंदु पॉल. (फोटो साभार: फेसबुक)

इस घटना को लेकर शुक्रवार सुबह बड़ा विवाद खड़ा हुआ जब विपक्षी कांग्रेस और एआईयूडीएफ ने आरोप लगाया कि ईवीएम ‘चोरी’ की जा रही थी.

सुरजेवाला ने कहा, ‘हम निर्वाचन आयोग से अनुरोध करते हैं कि भाजपा के इस हालिया दुस्साहस के लिए कड़ी कार्रवाई की जाए. जिस ईवीएम को लेकर सवाल उठ रहे हैं उसकी पहचान के लिए तत्काल जांच शुरू की जाए और पहले असम के लोगों को यह बताया जाए कि भाजपा विधायक को ईवीएम मिली कैसे.’

उन्होंने कहा, ‘हम पथरकांडी से भाजपा विधायक के खिलाफ एफआईआर की मांग करते हैं और सच्चाई का पता लगाने के लिए उनसे तत्काल पूछताछ की जाए.’

सुरजेवाला ने तीसरे और अंतिम चरण के लिए सुरक्षा बढ़ाए जाने की भी आयोग से मांग की.

कांग्रेस के सहयोगी बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि यह घटना ‘ईवीएम’ की चोरी की कोशिश दिखाती है क्योंकि भाजपा चुनाव हार रही है.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘ध्रुवीकरण? असफल, मतों की खरीद? असफल. प्रत्याशियों की खरीद? असफल. जुमला बाजी? असफल. दो मुख्यमंत्री? असफल. सीएए पर दो तरह की बातें? असफल. हार चुकी भाजपा की आखिरी चाल, ईवीएम की चोरी, लोकतंत्र की हत्या.’

असम कांग्रेस प्रमुख रिपुन बोरा ने सफाई और तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अगर इस खुली लूट और ईवीएम में छेड़छाड़ तुरंत नहीं रोकी गई तो पार्टी चुनाव का बहिष्कार करने पर विचार कर सकती है.

लोकसभा सदस्य और असम कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रद्युत बारदोलाई ने कहा, ‘क्यों नहीं भाजपा शालीनता से असम चुनाव में हार स्वीकार कर लेती? ईवीएम की चोरी और नतीजों में धांधली से कुछ भला नहीं होगा. असम माफ नहीं करेगा भले निर्वाचन आयोग माफ कर दे.’

कांग्रेस के घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कहा कि निर्वाचन आयोग को खुद को बचाने की जरूरत है क्योंकि जनता का भरोसा कम हो रहा है, हर चुनाव में एक ही ‘पठकथा’ होती है.

कांग्रेस ने शुक्रवार को निर्वाचन आयोग को निशाने पर लिया और कहा कि इस पर आयोग को निर्णायक कदम उठाने चाहिए तथा सभी राष्ट्रीय दलों को ईवीएम के उपयोग का ‘गंभीर पुनर्मूल्यांकन’ करने की जरूरत है.

मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि अगर चुनाव आयोग मूक बना रहता है तो यह लोकतंत्र के लिए घातक होगा.

नवगठित रायजोर दल ने भी गुवाहाटी में संवाददाता सम्मेलन कर भाजपा प्रत्याशी के वाहन में ईवीएम को ले जाने की निंदा की और कहा कि यह पार्टी की हार का संकेत है.

पार्टी के सलाहकार सीतानाथ लहकर ने कहा, ‘केवल करीमगंज में नहीं बल्कि हमने अन्य सीटों पर भी कई घटनाओं के बारे में सुना है. शिवसागर सीट से भी ऐसी खबर है जहां से अखिल गोगोई लड़ रहे हैं, खबर है कि वहां भी ईवीएम से जुड़ी कुछ अनियमितता हुई.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)





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