लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में प्रशिक्षु सिविल सेवकों का एक समूह/प्रतीकात्मक तस्वीर/| Photo: LBSNAA | Facebook


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नई दिल्ली: क्षमता बढ़ाने के लिए व्यापक तालमेल वाला अभिन्न नजरिया अपनाना और साझे संसाधनों का निर्माण,

सिविल सेवाओं की स्थिति पर वार्षिक मानव संसाधन रिपोर्ट बनाना और प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास के मानकीकरण संबंधी सिफारिशें करना—ये कुछ ऐसे तरीके हैं जिनके जरिये एक नया केंद्रीय पैनल सिविल सेवाओं में प्रशिक्षण और मानव संसाधन संबंधित गतिविधियों में सुधार की कोशिश करेगा.

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय की तरफ से गुरुवार को जारी आदेश के मुताबिक, नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले साल शुरू की गई कर्मयोगी योजना के तहत कपैसिटी बिल्डिंग कमीशन के गठन को मंजूरी दे दी है.

एक अध्यक्ष और दो सदस्यों वाला यह आयोग सरकार के सभी मौजूदा प्रशिक्षण संस्थानों की निगरानी करेगा.

आदेश में कहा गया है कि इस पर ‘क्षमता निर्माण संबंधी वार्षिक योजनाओं की तैयारियों के समन्वय, योजनाओं पर अमल की निगरानी एवं मूल्यांकन और सिविल सेवकों को प्रशिक्षित करने वाले प्रशिक्षण संस्थानों के बीच साझा संसाधनों के निर्माण की सुविधा मुहैया कराने का दायित्व होगा.’

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