केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत | फोटो: एएनआई


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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनावी प्रतिष्ठा की लड़ाई में दो मोर्चों पर कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है— एक नंदीग्राम, जहां वह अपने ही पूर्व सहयोगी शुभेंदु अधिकारी का सामना कर रही हैं और दूसरा है उनका पूर्व निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर, जहां उनका घर है.

इन प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनावी अभियान का जिम्मा गृह मंत्री अमित शाह ने दो वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों, गजेंद्र सिंह शेखावत और धर्मेंद्र प्रधान को सौंपा है.

शेखावत के मुताबिक, ममता बनर्जी को जहां नंदीग्राम में कड़ी चुनौती मिल रही है, वहीं वह भवानीपुर छोड़कर ‘भाग’ चुकी हैं. उन्होंने ममता के उम्मीदवार और बंगाल के ऊर्जा मंत्री सोभनदेव चट्टोपाध्याय की हार सुनिश्चित करने के लिए इस क्षेत्र में डेरा डाल रखा है.

शेखावत ने दिप्रिंट को दिए एक इंटरव्यू में बताया, ‘पहले हमने यह सुनिश्चित किया कि ममता भवानीपुर से भाग निकलें. अब बारी है उनके गृह निर्वाचन क्षेत्र में उनके प्रत्याशी की हार सुनिश्चित करने की.’

‘निजी प्रतिबद्धता’ के तौर पर केंद्रीय जल संसाधन मंत्री यह वादा भी कर रहे हैं कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने के दो साल के भीतर पूरे राज्य में नल से जल योजना के तहत पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति होने लगेगी.

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