बीजापुर: जिले के तर्रेम थाना इलाके में पुलिस-नक्सल मुठभेड़ में 23 जवानों के शहीद होने के बाद इस बात की आशंका जताई जा रही है कि हिड़मा की टीम ने जवानों को एंबुश में फंसा लिया था। ये संदेह भी जताया जा रहा है कि नक्सलियों ने खुद अपनी मौजूदगी की जानकारी फोर्स तक पहुंचवाई थी। हालांकि अभी इस खबर को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 

बताया जा रहा है कि जहां एनकाउंटर हुआ है वह इलाका जोनागुड़ा है। ये गांव कुख्यात नक्सली हिड़मा का है। वही हिड़मा जो सबसे बड़े नक्सली हमले झीरम कांड के मास्टर माइंड के रूप में जाना जाता है। इस गांव में उसकी खास टीम के सदस्यों का जमावड़ा था। ये सब उसी की टीम PLGA टीम के मेंबर थे। गढ़चिरौली में हमले के बाद इस गांव में नक्सलियों के जमावड़े की सूचना आ रही थी। 

हिड़मा की काफी पुरानी एकमात्र तस्वीर

कुख्यात नक्सली हिड़मा की पुरानी तस्वीर। 

आशंका है कि प्लान के तहत जवानों तक इस मौजूदगी की सूचना भिजवाई गई थी। जवानों को नक्सलियों ने U एंबुश में फंसा लिया। इससे पहले कि जवान कुछ समझ पाते अधांधुंध फायरिंग में 23 जवान शहीद हो गए। अभी भी कुछ जवानों का पता नहीं चल पा रहा है। इलाके में सुबह से सर्चिंग जारी है। जवानों के रेस्क्यू के लिए टीम और चॉपर भेज दिया गया है। 

1500 जवान गए थे सर्चिंग पर:

तर्रेम, उसूर, पामेड़, सुकमा के मिनपा और नरसापुरम से CRPF की कोबरा बटालियन, CRPF, DRG और STF और बस्तर बटालियन के करीब 1500 जवान सूचना के बाद जोनागुड़ा गांव की ओर सर्चिंग पर निकले थे। बताया जा रहा है कि देर रात एनकाउंटर थमने के बाद रेस्क्यू फोर्स भेजी गई और सुबह से सर्चिंग सल रही है। पहले ड्रोन से सर्चिंग के बाद चॉपर उतार जवानों के पार्थिव शरीर को लाया जा रहा है। एनकाउंटर में करीब 30 जवान घायल हैं उन्हें तत्काल अस्पतालों में पहुंचाया गया है। 



Source link

0

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Instagram

This error message is only visible to WordPress admins

Error: No connected account.

Please go to the Instagram Feed settings page to connect an account.