नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को कहा कि कोविड-19 के ताजा संक्रमण (Covid-19) के दौर से निपटने के लिए राज्यों को कड़े और व्यापक कदम उठाने होंगे. संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए उन्होंने पांच स्तरीय रणनीति टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट, कोविड व्यवहार और टीकाकरण को गंभीरता और प्रतिबद्धता से लागू करने का सुझाव दिया.

ये सुझाव उन्होंने देश भर में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर रविवार को हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिये. उन्होंने महामारी के सतत प्रबंधन और इस सिलसिले में सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के साथ ही जन भागीदारी और जन आंदोलन जारी रखने की जरूरत पर भी बल दिया. इस समीक्षा बैठक में एक प्रस्तुति भी दी गई, जिसके मुताबिक देश में कुल संक्रमित मामलों में 91 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी 10 राज्यों की है और इन्हीं राज्यों में कोविड-19 से सर्वाधिक मौतें भी हुई हैं.

पांच स्तरीय रणनीति को दिया महत्व
बाद में प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ‘‘देश भर में कोविड-19 और इसके खिलाफ जारी टीकाकरण अभियान की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की. इस वैश्विक महामारी से लड़ाई के प्रभावी तरीके के रूप में टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट, कोविड से बचाव संबंधी सावधानियों और टीकाकरण की पांच स्तरीय रणनीति के महत्व को दोहराया.’’बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि छह अप्रैल से 14 अप्रैल के बीच कोविड-19 महामारी के अनुरूप व्यवहार करने मसलन शत-प्रतिशत मास्क के उपयोग, व्यक्तिगत स्वचछता पर जोर देने के साथ ही कोविड बचाव संबंधी सावधानियों के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा.

ये भी पढ़ेंः- महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते वीकेंड पर लॉकडाउन, मॉल, थियेटर्स रहेंगे बंद

महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ के हालातों पर चिंता
बैठक में महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ के हालात पर चिंता जताई गई और इसके मद्देनजर प्रधानमंत्री ने इन राज्यों में जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों तथा चिकित्सकों की केन्द्रीय टीम भेजने का निर्देश दिया. महाराष्ट्र में अकेले देश में कोविड-19 के कुल मामलों के 57 प्रतिशत मामले हैं और राज्य में दैनिक नए मामलों का आंकड़ा 47,913 तक पहुंच गया है. महाराष्ट्र में इससे पहले जब कोरोना वायरस महामारी चरम पर थी, उसके मुकाबले यह आंकड़ा दोगुने से भी अधिक है.

पीएमओ के बयान के मुताबिक पंजाब ने पिछले 14 दिनों में देश में मामलों की कुल संख्या में 4.5 प्रतिशत का योगदान किया है जबकि मौतों की कुल संख्या में इसका योगदान 16.3 प्रतिशत रहा है.

बैठक में दिए गए अधिकारियों को निर्देश
बयान के मुताबिक, 10 उच्च संख्या वाले राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश देश के कुल मामलों में 91.4 प्रतिशत और कुल मौतों में 90.9 प्रतिशत का योगदान दे रहे हैं. इस बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.

पीएमओ के मुताबिक मोदी ने निर्देश दिया, ‘‘कोविड-19 के टिकाऊ प्रबंधन के लिए समुदाय की जागरुकता और इसकी भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है और कोविड-19 प्रबंधन के लिए जन भागीदारी और जन आन्दोलन जारी रखने की आवश्यकता है.’’

अस्पताल में बिस्तरों की व्यवस्था पर भी दिया जोर
उन्होंने कहा, ‘‘संकमण को फैलने से रोकने के लिए टेस्टिंग (जांच), ट्रेसिंग (संपर्कों का पता लगाना), ट्रीटमेंट (उपचार करना), कोविड बचाव संबंधी सावधानियों और टीकाकरण की पांच स्तरीय रणनीति को बेहद गंभीरता तथा प्रतिबद्धता के साथ अपनाना होगा.’’ प्रधानमंत्री ने इस समीक्षा बैठक के दौरान आने वाले दिनों में अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता, जांच की उचित व्यवस्था और समय रहते मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराना सुनिश्चित करने को कहा.

उन्होंने कोरोना वायरस से होने वाली मृत्यु दर में हर हालत में कमी लाने और इसके लिए आवश्यक स्वास्थ्य ढांचा बढ़ाने पर भी जोर दिया. बयान के मुताबिक कोविड मामलों में हुई वृद्धि बचाव संबंधी उपायों के पालन ना करने, खासकर मास्क ना पहनने और दो गज की दूरी के नियम में कोताही के कारण हुई है. कोरोना संबंधी दिशा-निर्देशों के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन की कमी को भी इसकी एक वजह बताया गया.

टीके की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर दिया जोर
बैठक में बताया गया कि टीके के उत्पादक अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दे रहे हैं. साथ ही टीकों के संवर्धन के लिए अन्य घरेलू तथा विदेशी कंपनियों के साथ भी चर्चा की जा रही है. प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से सक्रिय मामलों की खोज तथा निषिद्ध क्षेत्रों के प्रबंधन में सामुदायिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी के अतिरिक्त अन्य उपायों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने की आवश्यकता रेखांकित की.

उन्होंने कहा, ‘‘प्रसार पर काबू पाने के लिए सभी राज्यों को रोग की अधिक संख्या वाले स्थानों में व्यापक प्रतिबंधों के साथ आवश्यक सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है.’’ प्रधानमंत्री ने अधिक मामले रिपोर्ट करने वाले राज्यों तथा जिलों में मिशन-मोड दृष्टिकोण के साथ कार्य जारी रखने का निर्देश दिया जिससे कि पिछले 15 महीनों में देश में कोविड-19 प्रबंधन का सामूहिक लाभ व्यर्थ न हो.

24 घंटे में कोरोना वायरस के 93,249 नए मामले
ज्ञात हो कि रविवार को देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण के 93,249 नए मामले सामने आए, जो इस साल एक दिन में आए कोविड-19 के सर्वाधिक मामले हैं. इसके साथ ही देश में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1,24,85,509 हो गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, 19 सितंबर के बाद से कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में सामने आए ये सबसे अधिक मामले हैं. 19 सितंबर को कोविड-19 के 93,337 मामले आए थे.

आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को महामारी से 513 और लोगों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 1,64,623 हो गई है. प्रधानमंत्री ने देश के कुछ हिस्सों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर बुधवार को चिंता जताई थी और इसे फिर से फैलने से रोकने के लिए ‘‘तीव्र एवं निर्णायक’’ कदम उठाने का आह्वान किया. पिछले महीने प्रधानमंत्री ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से डिजिटल माध्यम से संवाद किया था और कहा था कि अगर इस बढ़ती हुई महामारी को यहीं नहीं रोका जाएगा तो देशव्यापी संक्रमण की स्थिति बन सकती है.



Source link

0

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Instagram

This error message is only visible to WordPress admins

Error: No connected account.

Please go to the Instagram Feed settings page to connect an account.